गढ़वा में मंडल डैम परियोजना पर हंगामा, ग्रामीणों ने अधिकारियों को बनाया बंधक

Garhwa hostage incident

गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में मंडल डैम परियोजना को लेकर बड़ा हंगामा हुआ। सर्वे कार्य के लिए बालिगढ़ पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों ने घेरकर करीब दो घंटे तक बंधक बना लिया। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने डीएफओ, रेंजर समेत सात वनकर्मियों को जंगल में रोके रखा, जिसके बाद तीन थानों की पुलिस की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

सर्वे के दौरान घेराव, दो घंटे तक बंधक रहे अधिकारी
दरअसल मंडल डैम परियोजना के डूब क्षेत्र के 780 परिवारों के पुनर्वास को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। सर्वे कार्य के दौरान बालिगढ़ वन क्षेत्र में पहुंचे वन विभाग की टीम को सैकड़ों ग्रामीणों ने घेर लिया। विस्थापितों ने सर्वे का विरोध करते हुए अधिकारियों को जंगल में ही बंधक बना लिया और फिर करीब दो किलोमीटर पैदल चलवाकर उन्हें बालिगढ़ के खेल मैदान में ले आए।

डीएफओ, रेंजर समेत सात वनकर्मी फंसे
ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाए गए अधिकारियों में गढ़वा दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) एबीन बेनी अब्राहम, रेंजर रामरतन पांडेय, प्रभारी वनपाल ललन कुमार, वनरक्षी धीरेंद्र चौबे, विंसेंट लकड़ा, शशिकांत कुमार, रंजीत सिंह, विजय सिंह और आनंद कुमार शामिल थे। इस दौरान ग्रामीणों ने डीएफओ पर हमला करने और वन विभाग के वाहन को क्षतिग्रस्त करने की भी कोशिश की।

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पुलिस की बड़ी भूमिका, सुरक्षित निकाले गए अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही रंका इंस्पेक्टर अभिजीत गौतम मिश्रा, रंका थाना प्रभारी चेतन कुमार सिंह, भंडरिया थाना प्रभारी सुभाष कुमार और रमकंडा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुंटिया बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कई घंटे चली बातचीत के बाद स्थिति को काबू में लाया गया और सभी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

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“टीम सर्वे करने गई थी, लेकिन ग्रामीण हंगामा करने लगे। उनकी बात सुनी गई और हम वहां से लौट आए। पुलिस बल मौके पर था और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है।” — एबीन बेनी अब्राहम, डीएफओ

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मंडल डैम परियोजना पर क्यों भड़के ग्रामीण
मंडल डैम परियोजना के तहत सात गांवों के 780 परिवारों का पुनर्वास प्रस्तावित है। इसके लिए 1378 एकड़ वन भूमि को चिन्हित किया गया है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ग्रामसभा की सहमति के न तो सर्वे किया जा सकता है और न ही भूमि हस्तांतरण संभव है। इसी कारण उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया और टीम को बंधक बना लिया।

प्रशासन ने शुरू की जांच, सतर्कता बढ़ाई गई
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने आगे ऐसे किसी भी सर्वे या गतिविधि के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने का निर्णय लिया है ताकि स्थिति न बिगड़े।

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