एक करोड़ के इनामी माओवादी प्रशांत बोस का निधन, RIMS में ली अंतिम सांस

Prashant Bose

जेल से अस्पताल लाया गया था, 72 घंटे में प्रशासन करेगा अंतिम संस्कार

रांची: देश के कुख्यात माओवादी नेताओं में शामिल एक करोड़ के इनामी प्रशांत बोस उर्फ किशन दा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वे रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में भर्ती थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

जेल से तबीयत बिगड़ने पर कराया गया था भर्ती
बताया जा रहा है कि बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद प्रशांत बोस की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने उन्हें तुरंत RIMS में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और नियमानुसार 72 घंटे के भीतर प्रशासन द्वारा अंतिम संस्कार किया जाएगा, क्योंकि अभी तक कोई परिजन सामने नहीं आया है।

2021 में हुई थी गिरफ्तारी
झारखंड पुलिस ने उन्हें 12 नवंबर 2021 को सरायकेला-खरसावां जिले के गिद्दिबेड़ा टोल प्लाजा से चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया था। उस समय उनके साथ उनकी पत्नी शीला मरांडी भी पकड़ी गई थीं।

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कई राज्यों में सक्रिय था नेटवर्क
प्रशांत बोस माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं में गिने जाते थे। उनकी सक्रियता बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में फैली हुई थी। वे भाकपा माओवादी संगठन के गुरिल्ला आर्मी का नेतृत्व करते थे और लंबे समय तक संगठन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे।

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देश के बड़े माओवादी नेताओं में था नाम
बताया जाता है कि वर्ष 2004 से पहले ही वह माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल हो चुके थे और देश के दूसरे सबसे बड़े माओवादी नेता के रूप में उनकी पहचान थी। उन पर एक करोड़ रुपये का इनाम भी घोषित था, जिससे उनकी सक्रियता और प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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बिना परिजन के होगा अंतिम संस्कार
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती उनके अंतिम संस्कार को लेकर है। चूंकि अभी तक कोई परिजन सामने नहीं आया है, इसलिए नियमों के तहत 72 घंटे के भीतर प्रशासन ही उनका अंतिम संस्कार करेगा।

उनकी मौत के साथ ही माओवादी संगठन के एक बड़े अध्याय का अंत माना जा रहा है।

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