रामगढ़ में 4 अक्टूबर से बहेगी श्रीमद्भागवत कथा की अमृतधारा, मंगल कलश शोभायात्रा से होगा शुभारंभ

Shrimad Bhagwat Katha

वृंदावन के आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी करेंगे कथा वाचन

भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जुड़ने का अवसर, कथा में शामिल होने के लिए पास की जरूरत नहीं

Ramgarh News: रामगढ़ शहर में आगामी 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। जिमखाना क्लब रिसोर्ट में होने वाले इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन का शुभारंभ रविवार, 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे भव्य मंगल कलश शोभायात्रा के साथ होगा। यह आयोजन स्वर्गीय रामचंद्र रूंगटा की पुण्य स्मृति में किया जा रहा है। आयोजन को लेकर रामगढ़ की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा धर्मप्रेमियों की बैठक हुई, जिसमें कथा के सफल एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर चर्चा की गई। आयोजन समिति के अनुसार, विभिन्न संस्थाओं और समाज के लोगों की ओर से आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग मिल रहा है।

मंगल कलश शोभायात्रा से होगी शुरुआत
श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ 4 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे मंगल कलश शोभायात्रा के साथ होगा। शोभायात्रा का संचालन रामगढ़ मारवाड़ी युवा मंच एवं रामगढ़ मेल चेतना समिति द्वारा किया जाएगा। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से शोभायात्रा में शामिल होने और सात दिवसीय कथा आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की गई है। शोभायात्रा के बाद प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन होगा। प्रथम दिन श्रीमद्भागवत महात्म्य एवं मंगलाचरण के साथ कथा का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।

वृंदावन के आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी करेंगे कथा वाचन
सात दिवसीय कथा में श्रीधाम वृंदावन के प्रसिद्ध कथाव्यास एवं भागवत मर्मज्ञ पूज्य आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करेंगे। आयोजन समिति के अनुसार, आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज के दासत्व, भोग एवं सेवा अधिकारी के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक संदेश तथा जीवन मूल्यों से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान, सदाचार, सेवा, प्रेम और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जाएगी।

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भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जुड़ने का अवसर
आयोजन समिति का कहना है कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और मानवीय मूल्यों से जुड़ने का माध्यम भी है। सात दिनों तक कथा स्थल पर श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालु भागवत कथा का श्रवण करेंगे। आयोजन समिति के मुताबिक, कथा के माध्यम से लोगों को अपने जीवन में सकारात्मकता, सेवा, सदाचार और मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

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कथा में शामिल होने के लिए पास की जरूरत नहीं
आयोजन समिति की ओर से स्पष्ट किया गया है कि श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने के लिए किसी पास की आवश्यकता नहीं है। श्रद्धालु सीधे कथा स्थल पर पहुंचकर कथा श्रवण कर सकते हैं। आयोजन समिति की ओर से श्रीमती माया रूंगटा ने रांची, रामगढ़ सहित पूरे झारखंड के श्रद्धालु भक्तों से सपरिवार और इष्ट-मित्रों के साथ कथा स्थल पर पहुंचने का आग्रह किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रीमद्भागवत कथा के आध्यात्मिक संदेशों का श्रवण कर इस धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने की अपील की।

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आयोजन को लेकर तैयारियां तेज
सात दिवसीय कथा को लेकर आयोजन समिति की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजन को व्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए रामगढ़ की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, धर्मप्रेमियों और अन्य विशिष्ट लोगों के साथ बैठक भी की गई। बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर चर्चा हुई। आयोजन समिति के अनुसार, कथा को लेकर लोगों में उत्साह है और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की ओर से आयोजन को सफल बनाने के लिए सहयोग मिल रहा है।

कार्यक्रम की प्रमुख जानकारी

  • कार्यक्रम: श्रीमद्भागवत महापुराण कथा
  • स्थान: जिमखाना क्लब रिसोर्ट, रामगढ़
  • अवधि: 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026
  • शुभारंभ: 4 अक्टूबर, सुबह 10 बजे
  • शुभारंभ कार्यक्रम: मंगल कलश शोभायात्रा
  • कथा का समय: प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक
  • कथाव्यास: पूज्य आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज, श्रीधाम वृंदावन
  • आयोजन: स्वर्गीय रामचंद्र रूंगटा की पुण्य स्मृति में
  • प्रवेश: आयोजन समिति के अनुसार, कथा के लिए पास आवश्यक नहीं है।
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