सांस्कृतिक विरासत बचाने की पहल, पनसो में धुमकुड़िया भवन निर्माण की उठी मांग
ग्रामीणों ने असंगठित कामगार कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुख्तार आलम को सौंपा मांग पत्र, सांसद सुखदेव भगत तक मांग पहुंचाने की अपील
गुमला: गुमला प्रखंड के पनसो गांव में धुमकुड़िया भवन निर्माण की मांग जोर पकड़ रही है। ग्रामीणों ने गांव में धुमकुड़िया भवन बनवाने की मांग को लेकर लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत के नाम आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने यह मांग असंगठित कामगार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुख्तार आलम के माध्यम से सांसद तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक धुमकुड़िया भवन का निर्माण नहीं हुआ है। इसके कारण सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए ग्रामीणों के पास उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भवन की जरूरत
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि धुमकुड़िया भवन केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान होगा। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, लेकिन उचित स्थान नहीं होने के कारण लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जरूरी है। इसके लिए गांव में धुमकुड़िया भवन की आवश्यकता है।
सांसद से जल्द स्वीकृति देने की अपील
ग्रामीणों ने सांसद से मांग की है कि पनसो गांव में धुमकुड़िया भवन निर्माण की दिशा में जल्द पहल की जाए और इसके लिए आवश्यक स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि भवन बनने से गांव में सामाजिक बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्तार आलम ने कहा- सांसद तक मजबूती से रखेंगे मांग
असंगठित कामगार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुख्तार आलम ने कहा कि लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ वे क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों का दौरा करते हैं और लोगों की समस्याओं को समझने का प्रयास करते हैं। मुख्तार आलम ने कहा कि पनसो गांव में धुमकुड़िया भवन की मांग को वे सांसद के समक्ष मजबूती से रखेंगे और जल्द से जल्द इसके निर्माण की दिशा में पहल कराने का प्रयास करेंगे।
ग्रामीणों को उम्मीद, पूरी होगी मांग
धुमकुड़िया भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांग सांसद तक पहुंचने के बाद इस दिशा में आवश्यक पहल होगी। ग्रामीणों का कहना है कि भवन बनने से गांव के लोगों को सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक स्थायी स्थान मिलेगा। साथ ही इससे स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं और सामुदायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल ग्रामीणों ने मांग पत्र के जरिए अपनी आवश्यकता सांसद तक पहुंचाने की पहल की है। अब उनकी नजर इस मांग पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर है।


