...

सरला बिरला स्कूल में Character Design Workshop, छात्रों ने अपनी कल्पना से बनाए कैरेक्टर और रची कहानियां

Character Design Workshop

रांची: सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए कैरेक्टर डिजाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को कैरेक्टर निर्माण, दृश्य कथाकथन और रचनात्मक डिजाइन की व्यावहारिक दुनिया से परिचित कराना था। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि किसी कहानी के कैरेक्टर को केवल एक चित्र के रूप में नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व, भावनाओं, विचारों और कहानी के संदर्भ के साथ कैसे विकसित किया जाता है।

डिजाइन विशेषज्ञ गुरूशरण भामरा ने किया मार्गदर्शन
कार्यशाला का संचालन गुरूशरण भामरा ने किया। वह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) के पूर्व छात्र और फिल्म एवं वीडियो कम्युनिकेशन डिजाइन के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं। फिल्म, वीडियो प्रोडक्शन और विजुअल कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ उन्होंने विद्यार्थियों को कहानी कहने और डिजाइन थिंकिंग की प्रक्रिया के जरिए कैरेक्टर डिजाइन की बारीकियों से अवगत कराया।

डिजाइन थिंकिंग से समझा कैरेक्टर निर्माण
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने डिजाइन थिंकिंग के दृष्टिकोण से कैरेक्टर डिजाइन के विभिन्न पहलुओं को समझा। इसमें कैरेक्टर का व्यक्तित्व, रूप-रंग, भाव-भंगिमा, भावनाएं, बॉडी लैंग्वेज और दृश्य पहचान जैसे विषय शामिल रहे। कार्यशाला को पूरी तरह व्यावहारिक और अनुभवात्मक रखा गया। विद्यार्थियों ने अपनी पसंद के कैरेक्टर स्वयं डिजाइन किए और उनके व्यक्तित्व एवं विशेषताओं की कल्पना की। इसके बाद उन्होंने अपने बनाए गए कैरेक्टर के इर्द-गिर्द कहानी और कथानक भी तैयार किए। इस गतिविधि के जरिए विद्यार्थियों ने जाना कि एक प्रभावशाली कैरेक्टर केवल एक चित्र नहीं होता, बल्कि वह भावनाओं, विचारों और कहानी को व्यक्त करने का प्रभावी माध्यम भी हो सकता है।

Adiwasi Mahotsav

विद्यार्थियों को बताए गए डिजाइन के करियर विकल्प
कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यार्थियों को डिजाइन के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों से परिचित कराना भी रहा। विद्यार्थियों को एनिमेशन और मोशन डिजाइन, ग्राफिक डिजाइन, इंटीरियर डिजाइन, फिल्म एवं वीडियो कम्युनिकेशन, विजुअल कम्युनिकेशन सहित डिजाइन के अन्य उभरते क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि रचनात्मकता, तकनीक और कहानी कहने की कला का बेहतर संयोजन भविष्य में कई नए और आकर्षक करियर विकल्पों के रास्ते खोल सकता है।

happy Teacher Day

रचनात्मकता के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर
इस अवसर पर सरला बिरला पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या ने कहा कि स्कूल का मानना है कि विद्यार्थियों को जब कल्पना करने, खोजने और सृजन करने की स्वतंत्रता मिलती है, तो उनकी रचनात्मकता अधिक प्रभावी ढंग से विकसित होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को समकालीन रचनात्मक क्षेत्रों से परिचित कराने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, मौलिक सोच और समस्या-समाधान की क्षमता को विकसित करने में भी मदद करती हैं। कार्यशाला रचनात्मकता, डिजाइन थिंकिंग, व्यावहारिक अधिगम, कहानी कहने और करियर मार्गदर्शन का संगम रही। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से कल्पना करने, चीजों को अलग नजरिए से देखने और अपनी कल्पनाओं को उद्देश्यपूर्ण तरीके से साकार करने के लिए प्रेरित किया गया।

Read more: सरला बिरला स्कूल में Character Design Workshop, छात्रों ने अपनी कल्पना से बनाए कैरेक्टर और रची कहानियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Seraphinite AcceleratorOptimized by Seraphinite Accelerator
Turns on site high speed to be attractive for people and search engines.