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PM मोदी-हेमंत सोरेन मिलकर झारखंड में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान को आगे बढ़ा रहे

PM मोदी-हेमंत सोरेन मिलकर झारखंड में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान को आगे बढ़ा रहे PM मोदी-हेमंत सोरेन मिलकर झारखंड में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान को आगे बढ़ा रहे

17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियान

झारखंड: झारखंड में “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान को राज्य सरकार ने बड़े आत्मविश्वास से अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर को मध्यप्रदेश के धार जिले से इस अभियान का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ किया, और झारखंड में यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं, किशोरियों और बच्चों पर ध्यान होगा।

स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आयुष मंत्रालय और अन्य संबंधित विभाग मिलकर इस पहल को लागू कर रहे हैं। आयुष मंत्रालय ने इसकी भागीदारी की घोषणा की है।

कैंप एवं जांच: स्वास्थ्य सेवाओं का फैलाव
इस अभियान के दौरान राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं — प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), अनुमंडल अस्पताल, जिला अस्पताल और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों — में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।

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विशेष जांचों में शामिल होंगे:

  • सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग
  • पोषण संबंधी कमी (विटामिन, आयरन)
  • मातृ स्वास्थ्य जाँच, प्रीनेटल और पोस्टनेटल
  • सामान्य बीमारियाँ जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉयड आदि
  • कैंसर स्क्रीनिंग, विशेषकर स्तन एवं गर्भाशय (सेल्युलर) कैंसर के लिए जागरूकता शिविर
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शहरों के बीच-साथ ग्रामीण इलाकों में वंचित महिलाओं को भी स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना प्राथमिकता होगी। मोबाइल स्वास्थ्य यूनिट्स और ग्राम स्तर पर क्लीनिक शिविरों के माध्यम से घर-घर जागरूकता अभियान चलाने की योजना है।

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चुनौतियाँ और रणनीतियाँ
हालांकि यह अभियान बहुत महत्वपूर्ण है, कुछ चुनौतियाँ हैं:

  • भौगोलिक दुर्गमता: झारखंड में कई इलाके पहाड़ी या जंगल वाले हैं, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाएँ कम हैं।
  • स्वास्थ्य कर्मियों की कमी और संसाधनों की सीमाएँ: पर्याप्त डायलॉग्नोस्टिक लैब, कोशिकाएँ (screening tools) न मिलना
  • लोक जागरूकता: महिला स्वास्थ्य और पोषण समस्याओं के बारे में अज्ञानता या पूर्वाग्रह
  • सस्टेनेबिलिटी: केवल अभियान की अवधि ही नहीं, बाद में भी स्वास्थ्य निगरानी और follow-up की व्यवस्था जरूरी।

राज्य सरकार ने इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पंचायतों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं-सहायता समूहों को शामिल किया है ताकि कार्यक्रम जमीनी स्तर पर मजबूत हो। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी किये हैं कि सभी चिकित्सा संस्थान इस अभियान में पूरी तरह भाग लें।

स्वस्थ परिवार की संरचना: सरकार का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार:

  • सुनिश्चित करेगी कि स्वास्थ्य शिविरों के बाद उपचार सुविधाएँ सुलभ हों
  • पोषण सहायता योजनाएँ, जैसे कि आयरन-फॉलिक एसिड सप्लीमेंट्स, पोषण आहार पोर्टियों का वितरण बढ़ाएँ
  • सिकल सेल एनीमिया जैसी विरल लेकिन घातक बीमारी के लिए विशेष परीक्षण एवं उपचार नेटवर्क मुहैया करवाये
  • राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों में झारखंड ने पहले ही कैंसर स्क्रीनिंग प्रोग्राम्स, फुलेयरीस अभियान जैसी योजनाएँ चला रखी हैं, जिससे ऐसी तैयारियों का आधार मजबूत है।

आगे का रास्ता: स्थायी सुधार और समुदाय की भागीदारी

इस अभियान का सफल होना इस बात पर निर्भर करेगा कि:

  • स्वस्थ नारी कार्यक्रम नियमित रूप से समीक्षा हो
  • समुदायों, विशेषकर ग्राम पंचायतों की भागीदारी हो
  • सरकारी, गैर-सरकारी संस्थाएँ मिलकर काम करें

महिला स्वास्थ्य में निवेश में निरंतरता हो
समय के साथ यदि स्वास्थ्य जांचों के बाद मिलने वाले परिणामों पर काम किया गया, तो झारखंड में महिलाएं सशक्त होंगी, परिवार स्वस्थ होंगे, और समाज कुल मिलाकर प्रगति करेगा।

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