परिसीमन पर कांग्रेस से BJP के सवाल, अमर बाउरी बोले- झारखंड की जनता से माफी मांगे कांग्रेस
Ranchi News: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर परिसीमन के मुद्दे पर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि वर्ष 2008 में जनसंख्या के आधार पर परिसीमन के दौरान सीटों के पुनर्गठन का समर्थन करने वाली कांग्रेस आज सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध क्यों कर रही है।
2008 के परिसीमन को लेकर कांग्रेस पर सवाल
अमर बाउरी ने कहा कि वर्ष 2008 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और उस समय जनसंख्या के आधार पर लोकसभा एवं विधानसभा सीटों का पुनर्गठन किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इसके लिए कांग्रेस सरकार ने 84वां संविधान संशोधन किया था। उन्होंने कहा कि उस समय तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी परिसीमन समिति के प्रस्ताव को लोकसभा से पारित कराने में सहयोग किया था। बाउरी ने सवाल उठाया कि जब 2008 में कांग्रेस ने जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्गठन का समर्थन किया था, तो अब भाजपा की ओर से सीटों में 50 फीसदी तक वृद्धि के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया जा रहा है।
झारखंड में सीटें बढ़ने का किया दावा
अमर बाउरी ने कहा कि वर्ष 2008 में ही वर्ष 2026 तक झारखंड में परिसीमन पर रोक का प्रावधान किया गया था और अब यह अवधि समाप्त हो रही है। उनके अनुसार, इसी को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से सीटों में 50 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि परिसीमन के बाद झारखंड में विधानसभा की मौजूदा 81 सीटें बढ़कर करीब 121 हो सकती हैं। उनके मुताबिक अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या में भी वृद्धि होगी। बाउरी ने दावा किया कि विधानसभा में 14 आदिवासी और 14 अनुसूचित जाति सीटें बढ़ सकती हैं। वहीं लोकसभा में आदिवासी सीटों की संख्या पांच से बढ़कर 10 और अनुसूचित जाति की सीट एक से बढ़कर दो होने का दावा उन्होंने किया।
अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी का किया जिक्र
भाजपा नेता ने झारखंड के गठन और आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि झारखंड को अलग राज्य का दर्जा तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में वर्ष 2000 में मिला था। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस के रूप में निर्धारित किया गया और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को देशभर में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आदिवासी समाज के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी है। बाउरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने आदिवासी समाज की महिला को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाने का काम किया।
कांग्रेस पर पुरानी गलतियों का आरोप
अमर बाउरी ने कांग्रेस के शासनकाल की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने 1984 के दंगों, देश के विभाजन और वर्ष 2008 में झारखंड में आदिवासी सीटों में कथित कमी जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब अपने पुराने फैसलों को लेकर अपराधबोध से ग्रसित है और इसी वजह से मौजूदा परिसीमन प्रक्रिया का विरोध कर रही है।
राहुल गांधी से पूछा सवाल
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि अगर भाजपा की ओर से लोकसभा में सीटों में 50 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव लाया गया है, तो कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका विरोध क्यों कर रहे हैं? बाउरी ने कहा कि राहुल गांधी को झारखंड की जनता को इसका जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस से वर्ष 2008 में परिसीमन के दौरान हुई कथित चूक के लिए झारखंड की जनता से माफी मांगने की मांग की।



