PM Awas Yojana: आवास सूची में नाम नहीं आया तो भड़के ग्रामीण, 2 हजार तक वसूली का आरोप

PM Awas Yojana

Nawada News: नवादा जिले के सिरदला प्रखंड कार्यालय में सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की सूची को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सूची में नाम नहीं आने से नाराज सैकड़ों महिला-पुरुष ग्रामीण प्रखंड कार्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने आवास दिलाने के नाम पर 500 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये तक वसूली किए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बांधी, राजन, चौबे, सांढ-मंझगावां और चपरी पंचायत समेत कई गांवों से ग्रामीण शिकायत लेकर सिरदला प्रखंड कार्यालय पहुंचे थे।

आवास के नाम पर पैसे लेने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए, लेकिन इसके बावजूद आवास की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया। मुर्तिया गांव की अनिता देवी के साथ करीब एक दर्जन महिलाएं भी शिकायत लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचीं। अनिता देवी ने आरोप लगाया कि उन्होंने आवास सहायक को 500 रुपये दिए थे, लेकिन इसके बाद भी उनका नाम आवास सूची में नहीं आया। वहीं, प्रतिमा देवी ने दावा किया कि उन्होंने तीन बार पैसे दिए और तीन बार उनकी तस्वीर भी ली गई, लेकिन अब तक आवास की स्वीकृति नहीं मिली है।

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किसी ने 500 तो किसी ने 2 हजार रुपये देने का दावा किया
ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि आवास योजना में नाम जुड़वाने और लाभ दिलाने के नाम पर अलग-अलग रकम ली गई। गिरजा देवी, ललिता देवी और पुष्पा देवी ने वार्ड सदस्य और आवास सहायक को कथित तौर पर 2 हजार रुपये दिए जाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि पैसे देने के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर अब मामले की प्रशासनिक जांच की जानी है।

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कच्चे और जर्जर घरों में रहने को मजबूर परिवार
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उनके घर बेहद कच्चे और जर्जर हैं। बारिश के मौसम में कई घरों की छत से पानी टपकता है। कुछ परिवारों का कहना है कि जर्जर दीवारों और छप्पर के बीच उन्हें बच्चों के साथ रात गुजारनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि पक्का मकान मिलने की उम्मीद में उन्होंने कथित तौर पर पैसे दिए, लेकिन जब सूची में नाम नहीं आया तो उनकी परेशानी और बढ़ गई। महिलाओं का सवाल है कि अगर वे प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र हैं तो उनका नाम लाभुक सूची में क्यों नहीं आया। ग्रामीणों ने पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।

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ग्राम सभा में नाम नहीं आने की भी शिकायत
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई पात्र परिवारों के नाम ग्राम सभा में भी सामने नहीं आए। उनका कहना है कि लाभुक चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और पात्र परिवारों को योजना से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। ग्रामीण जब शिकायत लेकर आवास कार्यालय पहुंचे तो वहां कार्यालय बंद मिला। संबंधित कर्मी भी मौके पर मौजूद नहीं थे। इसके बाद ग्रामीणों ने बीडीओ को आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

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BDO को सौंपा आवेदन, जांच की मांग
ग्रामीणों ने सिरदला के बीडीओ अमित कुमार को आवेदन सौंपकर आवास सूची, लाभुक चयन और कथित राशि वसूली के आरोपों की जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों की मांग है कि यह स्पष्ट किया जाए कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की सूची में किन आधारों पर लाभुकों का चयन किया गया और शिकायत करने वाले परिवारों के नाम सूची में क्यों नहीं शामिल हुए।

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पात्रता के सत्यापन के बाद मिलता है योजना का लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पात्र परिवारों की पहचान निर्धारित सरकारी प्रक्रिया, सर्वे और उपलब्ध आवास संबंधी आंकड़ों के आधार पर की जाती है। पात्रता के सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभुकों को योजना का लाभ दिया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायतकर्ताओं की पात्रता क्या है और यदि वे पात्र हैं तो उनका नाम सूची में क्यों नहीं आया।

BDO बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
बीडीओ अमित कुमार ने बताया कि महिलाओं से आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच के दौरान ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आवास योजना में लाभुक चयन को लेकर कोई अनियमितता हुई है या राशि वसूली के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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