एलन मस्क को राम माधव की दोटूक, Starlink विवाद में राहुल गांधी पर भी BJP का हमला

Starlink controversy

नई दिल्ली: भारत में एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा Starlink को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारत में सेवा शुरू करने और नियामकीय मंजूरी को लेकर उठे सवालों के बीच भाजपा ने एलन मस्क के आरोपों पर पलटवार किया है। भाजपा नेता राम माधव ने मस्क को भारत की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था का सम्मान करने की सलाह दी। वहीं, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर इस मुद्दे पर दोहरा रुख अपनाने का आरोप लगाया है। यह विवाद उस समय बढ़ा, जब एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर भारत में Starlink के साथ कथित भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि देश में सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए निष्पक्ष और भेदभावरहित नियामकीय व्यवस्था लागू है।

राम माधव ने एलन मस्क को दी नसीहत
भाजपा नेता राम माधव ने एलन मस्क के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि भारत कोई कमजोर या अस्थिर देश नहीं है। उन्होंने ‘बनाना रिपब्लिक’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि मस्क का सामना ऐसे देश से है, जिसके नेतृत्व का दुनिया भर में सम्मान किया जाता है। राम माधव ने मस्क को भारत और उसके नेतृत्व का सम्मान करने की सलाह भी दी। उनके बयान का संदेश साफ था कि भारत में कारोबार करने वाली किसी भी वैश्विक कंपनी को देश के कानूनों और नियामकीय व्यवस्था के अनुरूप ही काम करना होगा। हालांकि, Starlink को लेकर विवाद का मूल सवाल कंपनी के आरोपों और केंद्र सरकार के जवाब के बीच नियामकीय प्रक्रिया तथा बाजार में प्रतिस्पर्धा से जुड़ा है।

संचार मंत्रालय ने मस्क के आरोपों को किया खारिज
एलन मस्क ने आरोप लगाया था कि भारत में कुछ बड़े भारतीय कारोबारी समूहों के कारण Starlink की सैटेलाइट संचार सेवाओं के रास्ते में बाधाएं पैदा की जा रही हैं। इसके जवाब में संचार मंत्रालय ने उनके दावे को बेबुनियाद और गलत धारणा पर आधारित बताया। मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार ने सैटेलाइट संचार सेवाओं सहित सभी दूरसंचार सेवाओं के लिए निष्पक्ष और भेदभावरहित व्यवस्था लागू की है। सरकार का कहना है कि कंपनियों को निर्धारित नियमों और लाइसेंसिंग प्रक्रिया के तहत ही सेवाएं देने की अनुमति मिलती है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि गैर-भूस्थिर उपग्रह कक्षा (Non-Geostationary Orbit यानी NGSO) आधारित संचार सेवाओं के लिए Global Mobile Personal Communications by Satellite (GMPCS) श्रेणी में तीन कंपनियों को दूरसंचार लाइसेंस दिए गए हैं। सरकार के इस रुख के मुताबिक, Starlink सहित किसी भी कंपनी को भारत में सेवाएं देने के लिए लागू नियामकीय शर्तों का पालन करना होगा।

Adiwasi Mahotsav

राहुल गांधी पर तेजस्वी सूर्या ने लगाया दोहरे रुख का आरोप
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी Starlink विवाद को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जब पिछले साल Starlink के भारत में प्रवेश की चर्चा हो रही थी, तब कांग्रेस ने कंपनी की सेवाओं और उनसे जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों पर सवाल उठाए थे। तेजस्वी सूर्या के अनुसार, कांग्रेस ने उस समय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जाहिर की थीं, लेकिन अब एलन मस्क के आरोपों के बाद उसका रुख बदलता दिखाई दे रहा है। उन्होंने विपक्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने के लिए इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया। ये भाजपा सांसद के राजनीतिक आरोप हैं; कांग्रेस का पक्ष और उसके संबंधित बयानों का पूरा संदर्भ अलग से देखना जरूरी है।

happy Teacher Day

Starlink और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा
Starlink, एलन मस्क की कंपनी SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है। यह पारंपरिक केबल या फाइबर नेटवर्क के बजाय उपग्रहों के माध्यम से इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए विकसित की गई है। दूरदराज और कम कनेक्टिविटी वाले इलाकों में ऐसी सेवाएं इंटरनेट पहुंच बढ़ाने में भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, भारत में सैटेलाइट संचार सेवाओं के संचालन के लिए लाइसेंस, स्पेक्ट्रम, सुरक्षा और अन्य नियामकीय शर्तों का पालन जरूरी है। राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित चिंताएं भी इस क्षेत्र में नीति निर्माण का हिस्सा हैं। इसी वजह से Starlink को लेकर चल रहा विवाद केवल एक कंपनी और सरकार के बीच मतभेद तक सीमित नहीं है। इसमें विदेशी तकनीकी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार के नियम, कारोबार में प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे सवाल भी शामिल हैं।

resizone elanza

Telegram channel

क्या है पूरे विवाद का बड़ा सवाल?
इस मामले में फिलहाल दो प्रमुख पक्ष सामने हैं। एलन मस्क ने भारत में Starlink के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाया है, जबकि केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी लाइसेंसिंग व्यवस्था को निष्पक्ष बताया है। भाजपा नेताओं ने भी मस्क और कांग्रेस पर राजनीतिक बयानबाजी के जरिए सवाल उठाए हैं। अब इस विवाद में अहम सवाल यह है कि Starlink की भारत में सेवाओं से जुड़ी नियामकीय प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और कंपनी के आरोपों के समर्थन में क्या ठोस तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल, आरोपों और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच सरकार का कहना है कि भारत में दूरसंचार सेवाओं के लिए नियम सभी कंपनियों पर लागू होते हैं।

Read more: एलन मस्क को राम माधव की दोटूक, Starlink विवाद में राहुल गांधी पर भी BJP का हमला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *