...
Durga Puja
tulsyan

पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- कम प्रदूषण वाले तरीके अपनाएं; वकील बोले- भगवान भी हैरान होंगे

diwali

नई दिल्ली: देश में बढ़ते वायु प्रदूषण और पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणियां सामने आईं। अदालत ने पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण को लेकर चिंता जताते हुए कम प्रदूषण वाले तरीकों को अपनाने पर जोर दिया। सुनवाई के दौरान पटाखों के इस्तेमाल और धार्मिक भावनाओं से जुड़े तर्कों पर भी चर्चा हुई। एक वकील ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर भगवान को पता चले कि उनके नाम पर बच्चे बीमार हो रहे हैं, तो वह भी हैरान होंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कम प्रदूषण वाले तरीकों पर दिया जोर
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों से होने वाले प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए कहा कि उत्सव मनाने के लिए ऐसे विकल्प तलाशे जाने चाहिए, जिनसे पर्यावरण को कम नुकसान हो। अदालत की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश के कई शहरों में त्योहारों के दौरान वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ जाती है। पटाखों से निकलने वाला धुआं और कण प्रदूषण का स्तर बढ़ाने में योगदान करते हैं।

सुनवाई के दौरान धार्मिक तर्क पर भी हुई चर्चा
पटाखों को लेकर सुनवाई के दौरान धार्मिक आस्था और पर्यावरण के बीच संतुलन का मुद्दा भी सामने आया। इसी क्रम में वकील की ओर से भगवान के नाम पर बच्चों के बीमार होने को लेकर टिप्पणी की गई। वकील ने कहा कि यदि भगवान को यह पता चले कि उनके नाम पर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, तो वह भी इस स्थिति से हैरान होंगे।

shrawani mela

प्रदूषण और स्वास्थ्य पर चिंता
पटाखों से निकलने वाले धुएं में कई ऐसे प्रदूषक होते हैं, जो हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए प्रदूषित हवा परेशानी बढ़ा सकती है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का व्यापक संदेश यही है कि त्योहारों की खुशियां मनाते समय पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

happy Teacher Day

पटाखों को लेकर नियमों पर नजर
पटाखों के इस्तेमाल को लेकर देश में पहले भी सुप्रीम कोर्ट की ओर से समय और प्रदूषण स्तर से जुड़े निर्देश दिए जाते रहे हैं। ऐसे में इस सुनवाई के दौरान अदालत की टिप्पणियों को आगामी त्योहारी सीजन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध और मौजूदा नियमों में बदलाव के बीच अंतर है। इसलिए अदालत की टिप्पणी को सीधे देशभर में नए पूर्ण प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, जब तक कोई स्पष्ट आदेश जारी न हो।

Read more: पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- कम प्रदूषण वाले तरीके अपनाएं; वकील बोले- भगवान भी हैरान होंगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Seraphinite AcceleratorOptimized by Seraphinite Accelerator
Turns on site high speed to be attractive for people and search engines.