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Durga Puja

रांची के दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ा हादसा टला, छिपकली झूला एक तरफ झुका; बाल-बाल बचे श्रद्धालु

Ranchi Durga Puja ride accident

रात करीब 1:30 बजे बेयरिंग खराब होने से झूला एक तरफ झुका, समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर टाला गया बड़ा हादसा

Tulsyan

रांची: राजधानी रांची के बकरी बाजार स्थित बड़े दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार देर रात उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब वहां लगाए गए ‘छिपकिली झूले’ में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। झूले के बेयरिंग में खराबी आने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह एक तरफ झुक गया। घटना के वक्त झूले में कई लोग सवार थे, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई। हालांकि, समय रहते तकनीकी खराबी का पता चल गया और झूले में बैठे लोगों को सावधानीपूर्वक बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और एक बड़ा हादसा टल गया।

रात करीब 1:30 बजे आई झूले में खराबी
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे बकरी बाजार स्थित पूजा पंडाल परिसर में लगाए गए छिपकिली झूले के बेयरिंग में तकनीकी खराबी आ गई। बेयरिंग में समस्या आने के बाद झूले का संतुलन प्रभावित हुआ और वह एक तरफ झुकने लगा। झूले में उस समय श्रद्धालु और अन्य लोग बैठे हुए थे। झूले के अचानक असामान्य तरीके से झुकने के बाद आसपास मौजूद लोगों का ध्यान इसकी ओर गया। स्थिति को देखते हुए तत्काल सावधानी बरती गई और झूले को आगे संचालित करने के बजाय उसमें बैठे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।

झूले में बैठे लोगों को एक-एक कर निकाला गया
तकनीकी खराबी सामने आने के बाद झूले में मौजूद लोगों को जल्दबाजी के बजाय सावधानीपूर्वक एक-एक कर बाहर निकाला गया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने भी सहयोग किया। झूले के झुक जाने के कारण कुछ समय के लिए वहां चिंता और अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया था, लेकिन समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि झूला पूरी तरह अनियंत्रित नहीं हुआ और कोई व्यक्ति नीचे नहीं गिरा। इस वजह से किसी बड़े नुकसान की स्थिति पैदा नहीं हुई।

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थोड़ी सी लापरवाही बन सकती थी बड़े हादसे की वजह
घटना ने पूजा पंडालों और मेले में लगाए जाने वाले मनोरंजन के झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। जिस समय झूले में तकनीकी खराबी आई, उस वक्त उसमें लोग सवार थे। अगर बेयरिंग की खराबी का पता कुछ देर बाद चलता या झूला ज्यादा झुक जाता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। समय पर तकनीकी समस्या का पता चलना और झूले में सवार लोगों को बाहर निकालना इस घटना में सबसे अहम रहा। यह घटना यह भी बताती है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में लगाए जाने वाले मनोरंजन उपकरणों की नियमित तकनीकी जांच कितनी जरूरी है।

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झूले की तकनीकी जांच जरूरी
ऐसे झूलों के संचालन से पहले उनके सभी महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्सों की जांच की जानी चाहिए। खास तौर पर बेयरिंग, सपोर्ट सिस्टम, लॉकिंग सिस्टम, संतुलन और मोटर से जुड़े उपकरणों की नियमित जांच जरूरी होती है। झूले के लगातार संचालन और उस पर बढ़ते भार के कारण किसी भी तकनीकी हिस्से में खराबी आने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में केवल झूले को शुरू करने से पहले की जांच पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। लंबे समय तक चलने वाले मेलों और पूजा आयोजनों में बीच-बीच में भी तकनीकी निरीक्षण जरूरी है।

पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था अहम
रांची में दुर्गा पूजा के दौरान बकरी बाजार समेत शहर के कई प्रमुख पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में पूजा पंडाल के साथ-साथ वहां लगाए गए झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हो जाती है। शनिवार रात हुई घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसने आयोजकों और संबंधित विभागों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा का संदेश जरूर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, भीड़ वाले स्थानों पर लगाए जाने वाले झूलों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित किया जाना चाहिए। किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी सामने आने पर झूले को तुरंत बंद करना और विशेषज्ञ से उसकी जांच कराना जरूरी है। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। समय रहते खराबी का पता चलने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिए जाने से रांची के बकरी बाजार दुर्गा पूजा पंडाल में एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।

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