झारखंड विस मॉनसून सत्र: वोट चोर गद्दी छोड़ के नारेबाजी, हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित
Clouds of crisis on the session
विपक्ष ने लगाया नारे, सत्ता पक्ष भी उतरा वेल में, स्पीकर ने कार्यवाही रोकनी पड़ी
रांची: झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र मंगलवार को भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। आज तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में जोरदार नारेबाजी गूंजी। सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर जैसे ही स्पीकर ने कार्यवाही शुरू की, विपक्षी विधायकों ने “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे लगाने शुरू कर दिए। नारेबाजी के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही वेल में उतर आए और हंगामा करने लगे। इस दौरान विपक्षी विधायकों ने पोस्टर भी फाड़े और सरकार पर तीखे हमले किए।
प्रदीप यादव ने उठाई एसआईआर वापस लेने की मांग
हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने सरकार से एसआईआर (SIR) वापस लेने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक इस पर ठोस निर्णय नहीं होगा, तब तक विपक्ष सरकार को चैन से नहीं बैठने देगा। उनकी इस मांग के बाद हंगामा और तेज हो गया। सत्ता पक्ष भी विपक्ष की नारेबाजी के जवाब में वेल में उतर आया। दोनों पक्षों के टकराव से सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मात्र 3 मिनट चली कार्यवाही
लगातार शोरगुल और हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को रोकने का निर्णय लिया। सदन केवल तीन मिनट ही चल सका और 11 बजकर 13 मिनट पर कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
सत्र पर संकट के बादल
मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। चुनावी मुद्दों, भ्रष्टाचार के आरोपों और ताजा एसआईआर विवाद को लेकर विपक्ष सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।
इधर, सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष मुद्दों को भटकाने और जनता के कामकाज को रोकने में लगा है। झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र एक बार फिर शोर-शराबे की भेंट चढ़ गया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 12 बजे दोबारा शुरू होने वाली कार्यवाही में हंगामे का दौर जारी रहता है या सदन में सुचारु रूप से कामकाज हो पाता है।


