कोडरमा सिविल सर्जन पर नाबालिग से यौन शोषण के आरोप, पीड़िता ने मेडिकल जांच से किया इनकार
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा में सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार पर आदिवासी समुदाय की 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के यौन शोषण के आरोप से जुड़े मामले में नया मोड़ आया है। पीड़िता ने मेडिकल जांच कराने से इनकार कर दिया है। उसके परिजनों ने भी मेडिकल जांच नहीं कराने की बात कही है। इस बीच पुलिस अब पीड़िता का बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर, आरोपी सिविल सर्जन की तबीयत बिगड़ने की शिकायत के बाद उन्हें जेल से कोडरमा सदर अस्पताल के पेइंग वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
पीड़िता ने मेडिकल जांच कराने से किया इनकार
मामले को लेकर डीएस फरहाना महफूज ने बताया कि पीड़िता ने मेडिकल जांच कराने से इनकार कर दिया है। परिजनों ने भी मेडिकल जांच नहीं कराने की बात कही है। हालांकि, मेडिकल जांच से इनकार करने मात्र से आरोपों की पुष्टि या खंडन नहीं होता। मामले में पुलिस की जांच, पीड़िता का बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्य आगे की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होंगे। नाबालिग से जुड़े इस संवेदनशील मामले में पीड़िता की पहचान और उससे जुड़ी निजी जानकारी को सार्वजनिक न करना कानूनी और मानवीय दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
कोर्ट में दर्ज होगा पीड़िता का बयान
पुलिस अब पीड़िता का न्यायिक बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत न्यायालय में बयान दर्ज कराया जाएगा। यह प्रावधान पुराने आपराधिक प्रक्रिया कानून में धारा 164 के तहत दर्ज किए जाने वाले न्यायिक बयान से संबंधित है। पुलिस की कोशिश है कि पीड़िता का बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज कराया जाए, ताकि जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सके और मामले में उपलब्ध तथ्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जा सके।
सीने में दर्द और BP की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती
इधर, आरोपी सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार की तबीयत बिगड़ने की शिकायत के बाद उन्हें जेल से सदर अस्पताल के पेइंग वार्ड में शिफ्ट किया गया है। बताया गया कि उन्हें सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर की शिकायत हुई थी। इसके बाद चिकित्सकीय निगरानी और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पूछताछ और सदर अस्पताल में मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। अब स्वास्थ्य संबंधी शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में रखा गया है।
चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन के बाद सामने आया मामला
मामला तब सामने आया जब हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग ने शनिवार को चाइल्ड हेल्पलाइन, हजारीबाग पर फोन कर अपनी शिकायत बतायी। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने नाबालिग को बाल कल्याण समिति (CWC), हजारीबाग के समक्ष प्रस्तुत किया। वहां उसका बयान दर्ज कराया गया। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
शनिवार देर रात गिरफ्तार हुए थे सिविल सर्जन
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के आवेदन और बयान के आधार पर कोडरमा महिला थाना में संबंधित धाराओं के साथ POCSO Act के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने शनिवार देर रात सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ और सदर अस्पताल में मेडिकल जांच की प्रक्रिया के बाद रविवार दोपहर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने गिरफ्तारी और कार्रवाई की पुष्टि की थी।
पुलिस जांच के साथ न्यायिक प्रक्रिया पर नजर
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस अब पीड़िता का न्यायालय में बयान दर्ज कराने के साथ अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया में पीड़िता की गोपनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। वहीं आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
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