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पुलिस संस्मरण दिवस पर रांची में शहीद जवानों को नमन, देशभर के 154 पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि

Police Commemoration Day

शहीद स्मारक पर अर्पित किए श्रद्धासुमन, शहादत को याद रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि

रांची: देश की सुरक्षा और आम लोगों की रक्षा करते हुए कर्तव्य की राह में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों की स्मृति में बुधवार को झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस संस्मरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को याद किया। रांची स्थित झारखंड सशस्त्र पुलिस-1 (JAP-1) परिसर में पुलिस संस्मरण दिवस परेड का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए देशभर के विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 154 अधिकारियों एवं जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इन शहीदों में झारखंड पुलिस के भी तीन जवान शामिल हैं, जिन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई।

झारखंड के तीन जवानों ने दिया सर्वोच्च बलिदान
पुलिस संस्मरण दिवस के लिए जारी शहीदों की सूची में झारखंड के तीन पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं। इनमें पुलिस अवर निरीक्षक हेमंत भगत, आरक्षी सुनील राम और आरक्षी संतोष कुमार मेहता शामिल हैं। हेमंत भगत दुमका जिले में पदस्थापित थे, जबकि सुनील राम और संतोष कुमार मेहता पलामू जिले से जुड़े थे। इन तीनों पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अलग-अलग घटनाओं में अपने प्राणों की आहुति दी।

नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद हुए सुनील राम और संतोष कुमार
चार सितंबर 2025 को पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव में पुलिस और TSPC नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस अभियान के दौरान आरक्षी सुनील राम और आरक्षी संतोष कुमार मेहता शहीद हो गए। अभियान के दौरान दोनों जवानों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को विशेष रूप से याद किया गया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों के सामने मौजूद चुनौतियां बेहद गंभीर होती हैं। ऐसे अभियानों में जवानों का साहस और टीम भावना सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।

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सड़क बाधा हटाने के दौरान शहीद हुए SI हेमंत भगत
दुमका जिले में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक हेमंत भगत ने भी कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाई। 31 दिसंबर 2025 को दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के बाद सड़क पर उत्पन्न बाधा को हटाने के दौरान वह शहीद हो गए। उनका बलिदान इस बात का उदाहरण है कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं होती, बल्कि आपात परिस्थितियों में आम लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी पुलिस के कंधों पर होती है।

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बिहार के 12 जवान भी शहीद
पुलिस संस्मरण दिवस के लिए जारी सूची के अनुसार, एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देशभर में कुल 154 पुलिसकर्मी और जवान कर्तव्य के दौरान शहीद हुए। इनमें बिहार के 12 जवान शामिल हैं। वहीं सूची में सीमा सुरक्षा बल यानी BSF के 25 जवानों की शहादत भी दर्ज है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में नौ-नौ, जबकि असम और छत्तीसगढ़ में छह-छह पुलिसकर्मियों एवं जवानों ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। यह आंकड़ा बताता है कि देश की आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा की जिम्मेदारी निभाते हुए पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को कितनी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

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शहीद स्मारक पर अर्पित किए श्रद्धासुमन
रांची में आयोजित पुलिस संस्मरण दिवस समारोह के दौरान शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। झारखंड के डीजीपी समेत पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य पुलिस पदाधिकारी समारोह में मौजूद रहे। अधिकारियों और जवानों ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके बलिदान को नमन किया। इस दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के साथ खड़े रहने और उन्हें हर संभव सहयोग देने के संकल्प को भी दोहराया गया। समारोह का माहौल पूरी तरह भावुक और गंभीर रहा। पुलिसकर्मियों ने शहीद साथियों को याद करते हुए उनके अधूरे छोड़े कर्तव्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

झारखंड जगुआर मुख्यालय में भी शहीदों को नमन
पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर झारखंड जगुआर (एसटीएफ) के टेंडरग्राम स्थित मुख्यालय में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां आईजी अनूप बिरथरे और डीआईजी इन्द्रजीत महथा ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के नामों का पाठ किया गया। जवानों ने शोक शस्त्र झुकाकर शहीदों को सम्मान दिया और दो मिनट का मौन रखकर उनके बलिदान को नमन किया। अधिकारियों ने कहा कि देश और राज्य की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान हमेशा पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

शहादत को याद रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि
पुलिस संस्मरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उन पुलिसकर्मियों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने कर्तव्य को अपने जीवन से ऊपर रखा। नक्सल अभियान से लेकर सड़क दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों तक, इन जवानों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए प्राणों की आहुति दी। रांची समेत पूरे झारखंड में आयोजित कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शहीदों को नमन करते हुए यह संदेश दिया कि उनकी शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा और उनके परिवारों के प्रति पुलिस बल की जिम्मेदारी बनी रहेगी।

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