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गिरिडीह के सुनील कुमार बनेंगे ONGC के चेयरमैन, डुमरी में जश्न; जानिए उनकी पूरी सफलता की कहानी

Sunil Kumar ONGC

IIT-ISM धनबाद के 1991 बैच के छात्र रहे सुनील

Giridih News: झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी निवासी सुनील कुमार को देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी ONGC का नया चेयरमैन एवं सीईओ नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि पहली बार किसी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को सीधे ONGC के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी दी गई है। सुनील कुमार 7 दिसंबर 2026 या उसके बाद ONGC के चेयरमैन का पदभार संभालेंगे। सुनील कुमार की इस उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरा डुमरी और गिरिडीह जिला गौरवान्वित है। उनके चेयरमैन बनने की खबर सामने आने के बाद डुमरी में परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के बीच खुशी का माहौल है। स्थानीय लोग भी अपने क्षेत्र के इस बेटे की उपलब्धि को लेकर चर्चा कर रहे हैं। भारत सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, सुनील कुमार 7 दिसंबर 2026 या उसके बाद ONGC के चेयरमैन एवं सीईओ का पदभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल निर्धारित शर्तों के अनुसार तीन वर्ष का होगा।

डुमरी के साधारण परिवार से ONGC के शीर्ष पद तक का सफर
सुनील कुमार की सफलता की कहानी डुमरी से शुरू होती है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गृह क्षेत्र में ही हासिल की। बेसिक स्कूल डुमरी से कक्षा सात तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने केबी हाई स्कूल डुमरी से मैट्रिक की शिक्षा पूरी की। परिवार के अनुसार, वर्ष 1984 में वे अपने बैच के स्कूल टॉपर रहे थे। इसके बाद उन्होंने हजारीबाग के संत कोलंबस कॉलेज से आईएससी की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने तत्कालीन आईएसएम धनबाद का रुख किया, जहां से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। यहीं से उनके करियर ने ऊर्जा क्षेत्र की दिशा पकड़ ली।

1991 में ONGC से शुरू किया था करियर
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुनील कुमार ने वर्ष 1991 में ONGC में अपने करियर की शुरुआत की। परिवार के अनुसार, उन्होंने असम के शिवसागर-नजीरा क्षेत्र से असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (प्रोडक्शन) के रूप में काम शुरू किया था। तीन दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने ONGC के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों और परिसंपत्तियों में काम किया। उनके अनुभव में मुंबई, दिल्ली, हजीरा और काकीनाडा जैसे महत्वपूर्ण केंद्र शामिल रहे हैं। वर्तमान में वे ONGC के मेहसाणा एसेट में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और एसेट मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। लंबे प्रशासनिक और तकनीकी अनुभव के बाद अब उन्हें कंपनी के सर्वोच्च प्रबंधन पद की जिम्मेदारी मिलने जा रही है।

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पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के साथ मैनेजमेंट की भी पढ़ाई
परिवार के सदस्यों के मुताबिक, सुनील कुमार ने पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक करने के साथ-साथ मार्केटिंग और फाइनेंस में विशेषज्ञता के साथ बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की है। तकनीकी क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और लंबे प्रशासनिक अनुभव को उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाता है। ONGC के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के दौरान उन्हें उत्पादन, परिसंपत्ति प्रबंधन और संगठनात्मक जिम्मेदारियों का व्यापक अनुभव मिला।

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मां तुलसी देवी की आंखों में छलके खुशी के आंसू
सुनील कुमार की नियुक्ति की खबर से उनकी मां तुलसी देवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि बेटे के ONGC जैसी प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के चेयरमैन बनने की खबर सुनकर उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। परिवार के अनुसार, सुनील बचपन से ही पढ़ाई और अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहे हैं। मां ने बेटे की सफलता का श्रेय उनकी मेहनत, अनुशासन और काम के प्रति समर्पण को दिया। परिवार के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि डुमरी जैसे छोटे शहर से पढ़ाई शुरू करने वाला एक छात्र आज देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों में से एक के शीर्ष पद तक पहुंच रहा है।

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चाचा बोले- पूरे जिले और राज्य के लिए गौरव की बात
सुनील कुमार के चाचा अशोक कुमार गुप्ता ने उनकी नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे गिरिडीह जिले और झारखंड के लिए गर्व की बात है। उनके मुताबिक, सुनील बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे। उनकी मेहनत, ईमानदारी और कर्मठता को देखकर परिवार को उनके उज्ज्वल भविष्य का भरोसा था, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे एक दिन देश की इतनी बड़ी कंपनी के शीर्ष पद तक पहुंचेंगे। नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद से रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की ओर से लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं।

परिवार में शिक्षा को हमेशा मिली प्राथमिकता
सुनील कुमार के भाई राकेश कुमार गुप्ता, जो इसरी मध्य विद्यालय में विज्ञान शिक्षक सह प्रभारी प्रधानाध्यापक हैं, के मुताबिक उनके परिवार में शिक्षा को हमेशा विशेष महत्व दिया गया। उन्होंने बताया कि उनके पिता नंद कुमार गुप्ता ने वर्ष 1961 में संत कोलंबस कॉलेज से गणित में ऑनर्स के साथ बीएससी की थी। इसके बाद उन्होंने कुछ समय डुमरी हाई स्कूल में प्रधानाध्यापक के रूप में काम किया। बाद में गोमिया के आईएल में केमिस्ट के रूप में सेवा दी और अंत में व्यवसाय से जुड़े। राकेश कुमार के मुताबिक, उनके पिता ने अपने सभी बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया और किसी भी बच्चे की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी।

भाई भी देश-विदेश में महत्वपूर्ण पदों पर
परिवार की शैक्षणिक उपलब्धियां भी काफी उल्लेखनीय हैं। राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके बड़े भाई सुनील कुमार ONGC के चेयरमैन बनने जा रहे हैं, जबकि उनके मंझले भाई राजेश कुमार गुप्ता ब्रिस्बेन में अडानी ग्रुप में GM (Finance) एवं कंपनी सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, उनके छोटे भाई सुशील कुमार गुप्ता यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, सिडनी में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं। परिवार के एक बहनोई प्रदीप कुमार भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में सीनियर साइंटिस्ट हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि घर में शुरू से ही पढ़ाई, मेहनत और जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी गई। यही वातावरण बच्चों के करियर निर्माण में भी महत्वपूर्ण रहा।

IIT-ISM धनबाद के 1991 बैच के छात्र रहे सुनील
सुनील कुमार आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के 1991 बैच के छात्र रहे हैं। उन्होंने संस्थान से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। पेट्रोलियम क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने ONGC को अपना करियर बनाया और तीन दशक से ज्यादा समय तक कंपनी के अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं। असम से शुरू हुआ उनका करियर आगे चलकर देश के कई महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों तक पहुंचा। मुंबई, दिल्ली, हजीरा और काकीनाडा जैसे क्षेत्रों में काम करने के बाद वर्तमान में वे मेहसाणा एसेट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

पहली बार एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को सीधे चेयरमैन पद की जिम्मेदारी
सुनील कुमार की नियुक्ति की एक खास बात यह भी है कि पहली बार किसी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को सीधे ONGC के चेयरमैन एवं सीईओ पद की जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई है। यह नियुक्ति उनके लंबे तकनीकी अनुभव, संगठन में वरिष्ठ जिम्मेदारियों और ऊर्जा क्षेत्र में तीन दशक से अधिक के करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

7 दिसंबर से संभालेंगे जिम्मेदारी
भारत सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद अब सुनील कुमार के ONGC के नए चेयरमैन एवं सीईओ के रूप में कार्यभार संभालने का रास्ता साफ हो गया है। 21 अक्टूबर 2026 के आदेश के मुताबिक वे 7 दिसंबर 2026 या उसके बाद पदभार ग्रहण करेंगे। उनका निर्धारित कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। डुमरी से ONGC के शीर्ष पद तक पहुंचे सुनील कुमार की यह उपलब्धि स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरणा का विषय बन गई है। परिवार से लेकर डुमरी और गिरिडीह के लोगों तक, हर कोई इस उपलब्धि को अपने क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण मान रहा है।

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