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दिवाली से पहले सोना-चांदी हुआ सस्ता, एक हफ्ते में ₹16,500 तक टूटी चांदी; क्या अभी खरीदारी का सही समय?

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क्या आगे भी सस्ता हो सकता है सोना-चांदी?

Business News: दिवाली और धनतेरस से पहले सोने-चांदी की खरीदारी का प्लान बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। भारतीय सर्राफा बाजार में इस हफ्ते दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, चांदी करीब ₹16,503 प्रति किलोग्राम और 24 कैरेट सोना करीब ₹4,796 प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है। कीमती धातुओं में आई इस गिरावट के पीछे वैश्विक बाजार में बने दबाव को अहम वजह माना जा रहा है। ऐसे में त्योहारी सीजन में ज्वेलरी खरीदने वालों को कीमतों में कमी का फायदा मिल सकता है।

एक हफ्ते में कितना सस्ता हुआ सोना?
IBJA के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सप्ताह यानी 17 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम थी। इस सप्ताह इसमें ₹4,796 की गिरावट दर्ज की गई और भाव घटकर करीब ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम रह गया। यानी सिर्फ एक सप्ताह में सोने की कीमत में करीब ₹4,800 की कमी आई है। त्योहारी सीजन में सोने की खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए यह गिरावट महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

चांदी में इससे भी बड़ी गिरावट
चांदी की कीमत में इस सप्ताह सोने के मुकाबले ज्यादा बड़ी गिरावट देखने को मिली। पिछले सप्ताह 1 किलो चांदी का भाव करीब ₹2.11 लाख था। इस सप्ताह चांदी ₹16,503 की गिरावट के साथ करीब ₹1.94 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गई। यानी एक किलो चांदी खरीदने वाले ग्राहकों को पिछले सप्ताह की तुलना में करीब ₹16,500 कम कीमत चुकानी पड़ सकती है।

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सितंबर में भी जारी रही थी कीमतों में कमजोरी
सोने-चांदी के भाव में गिरावट का सिलसिला केवल अक्टूबर तक सीमित नहीं रहा है। इससे पहले सितंबर में भी दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिली थी। 31 अगस्त को सोने का भाव करीब ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम था, जो 30 सितंबर तक घटकर करीब ₹1.48 लाख रह गया। इस तरह सितंबर में सोने की कीमत में करीब ₹8,000 की गिरावट दर्ज हुई। इसी अवधि में चांदी का भाव भी करीब ₹2.37 लाख से घटकर ₹2.22 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गया था।

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क्या आगे भी सस्ता हो सकता है सोना-चांदी?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्याज दरों, डॉलर की स्थिति, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता जैसे कई कारक कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करते हैं। आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी से सोने पर दबाव बन सकता है, क्योंकि निवेशकों के लिए ब्याज देने वाली संपत्तियां अपेक्षाकृत आकर्षक हो जाती हैं। वहीं, वैश्विक स्तर पर तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की मांग को सुरक्षित निवेश के तौर पर समर्थन मिल सकता है। इस वजह से बाजार में एक तरफ गिरावट का दबाव है, तो दूसरी तरफ किसी बड़े वैश्विक संकट की स्थिति में सोने की कीमतों को सपोर्ट भी मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को केवल एक सप्ताह की गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला नहीं करना चाहिए। कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है।

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सोना खरीदने से पहले इन दो बातों का रखें ध्यान
अगर आप धनतेरस या दिवाली के मौके पर सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो सिर्फ कीमत देखकर खरीदारी न करें। शुद्धता और सही कीमत की जांच भी जरूरी है।BIS हॉलमार्क जरूर देखें सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क वाले आभूषण या गोल्ड प्रोडक्ट को प्राथमिकता दें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है। साथ ही, हॉलमार्क वाले सोने पर दर्ज विशिष्ट पहचान संख्या/कोड की भी जांच करें। खरीदारी के समय बिल और प्रमाणपत्र को संभालकर रखना भी जरूरी है।

खरीदारी से पहले भाव जरूर जांचें
ज्वेलरी खरीदने से पहले उस दिन का बाजार भाव जरूर क्रॉस-चेक करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। यह भी ध्यान रखें कि ज्वेलरी की अंतिम कीमत केवल सोने के बाजार भाव से तय नहीं होती। इसमें मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू शुल्क भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए भुगतान करने से पहले पूरी कीमत और बिल की जानकारी अच्छी तरह जांच लें। त्योहारी सीजन में सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ने के साथ कीमतों में आगे बदलाव संभव है। ऐसे में ग्राहक खरीदारी से पहले ताजा बाजार भाव और उत्पाद की शुद्धता दोनों की पुष्टि जरूर करें।

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