ईरान संकट पर सरकार सख्त: राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बना इंटर-मंत्रालयी समूह

Rajnath Singh

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और उससे उत्पन्न ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हालात की लगातार निगरानी और त्वरित निर्णय लेने के लिए सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक इंटर-मंत्रालयी समूह (IMG) का गठन किया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस उच्चस्तरीय समूह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कई अहम मंत्री शामिल हैं। इस समूह का उद्देश्य ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के कारण पैदा हुए हालात का आकलन करना और उससे निपटने के लिए रणनीति तैयार करना है।

इसी के साथ सरकार ने ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। शुक्रवार सुबह पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है। वहीं, डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स तय किया गया है।

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एविएशन सेक्टर को राहत देने के लिए सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी टैक्स में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत ATF पर 50 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है, हालांकि विभिन्न छूटों के बाद प्रभावी दर 29.5 रुपये प्रति लीटर तक सीमित रहेगी। इससे विमानन क्षेत्र पर अतिरिक्त बोझ कम करने का प्रयास किया गया है।

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सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाए गए ब्लॉकेड के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। यह मार्ग दुनिया के कुल कच्चे तेल और गैस सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा—करीब 20 से 25 मिलियन बैरल प्रतिदिन—ट्रांसपोर्ट करता है। युद्ध से पहले भारत इसी मार्ग से आने वाले तेल का 12 से 15 प्रतिशत आयात करता था।

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इस बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आम लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें। कुल मिलाकर, सरकार एक तरफ जहां हालात पर कड़ी नजर रख रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनता को राहत देने और बाजार को स्थिर रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

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